Click Here to Verify Your Membership
First Post Last Post
Incest Meri Jawan Bahu (Part 02)

(10-05-2017, 06:09 PM)studboyripzy :
दोनों बाज़ार को चल दिए। काम्या पीछे बैठे थी। बाबूजी को जरा भी मौका मिलता तो झटके से ब्रेक लगा देते जिससे काम्या आगे खिसक उसके दसहरी आम बाबूजी की पीठ में धंस जाते। काम्या बाबूजी की चालाकी समझ रही थी लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी क्योंकि वो जानती थी कि बोलने से भी बाबूजी मानेंगे नहीं और फिर उसे भी बाबूजी की ये बदमाशी अच्छी लग रही थी। बाजार में दोनों ने सब सामान ख़रीदा और लौट ही रहे थे की काम्या बोल पड़ी
काम्या ;- बाबूजी ,मम्मी ने कुछ फल भी लाने को कहा था
मदनलाल :-- ठीक है क्या लोगी
काम्या :-- वो सामने ठेला लगा है केले ले लेते हैं। मदनलाल ने केले देखे और कहा
मदनलाल :-- ये तो बहुत छोटे -२ केले हैं। बहु केले हमेशा बड़े खाने चाहिये। जब बड़े केले खाओ तो पेट को भी लगता है कि कुछ अंदर आया है। काम्या बाबूजी का द्विअर्थी डायलाग समझ गई और शर्म नीचे देखने लगी। तब मदनलाल दूसरे ठेले में गया जहाँ बड़े -२ केले थे उसने वहां खरीदे और बहु को पकड़ाते हुए बोला
मदनलाल :--- देखा बहु ये कितने बड़े साइज का केला है। जब बड़ा केला खाने लगोगी तो छोटे केले खाना भूल जाओगी।
काम्या : - बाबूजी आपको भी कोई फल लेना है तो ले लीजिये।
मदनलाल :-- बहु हमें जो फल पसंद है वो तो आज बाजार में है ही नहीं।
काम्या :-- बाबूजी आपको कौन से फल पसंद हैं।
मदनलाल ने बहु की चूचियों को कामुक नज़रों से देखा फिर होंठों में जीभ फेरते हुए नज़र नीचे कर बहु की गांड को देखते हुए बोला
मदनलाल :-- बहु हमें तो दशहरी आम और तरबूज़ पसंद हैं। . काम्या समझ गई कि बाबूजी किन फलों की बात कर रहे हैं इसलिए चिढ़ाते हुए बोली
काम्या :-- बाबूजी घर चलिए ,लगता फल खाना आपकी किस्मत में ही नहीं है।
दोनों घर लौटने लगे ,बाबूजी जानबूझ कर गाड़ी लहरा रहे थे ,हल्का सा अँधेरा होने लगा था। जब थोड़ा सुनसान एरिया आया तो बाबूजी ने किनारे गाडी रोक दी।काम्या ने पूछा "" क्या हुआ बाबूजी "
मदनलाल ने कहा ""कुछ नहीं बहु बस एक मिनिट"" और थोड़ा दूर जाकर पेशाब करने लगे। दरअसल इतनी देर से बहु चिपके रहने के कारण उनका लण्ड टनटना गया था और टेंशन रिलीज़ करना बहुत जरूरी था। काम्या भी उनको लघुशंका करते देख रही थी और उसे सुबह वाला बाबूजी का कोबरा याद आ रहा था। पेशाब करते -२ मदनलाल को एक बार फिर शरारत सूझी उसने दोनों तरफ देखा कोई भी गाडी नहीं दिख रही थी। मदनलाल ने पेशाब करने के बाद हथियार अंदर किये बिना ही घूम गया। बहु उसी की ओर देख रही थी मदनलाल का फ़ुफ़कारता लण्ड फिर आँखों के सामने देख काम्या फिर एक बार सम्मोहित सी हो गई। वो एकटक बाबूजी के औजार को देखने लगी। मदनलाल चलते -२ उसके पास आया। काम्या की नजर उसके हथियार पर टिकी थी इसलिए जब वो बिलकुल पास आ गया तो काम्या की नजर लण्ड देखते देखते नीचे झुक गई , उसकी साँसे तेज़ -२ चल रही थी,मदनलाल ने अपने औजार को तर्जनी और मध्यमा उंगली में फंसाया और दायें बाएं हिलाया जिससे कुछ बूंदे गिरी ,ऐसा लग रहा था जैसे भयंकर विषधर ने विषवमन किया हो। फिर मदनलाल धीरे से बोला
मदनलाल :-- बहु चलें ,या और देखना है। ससुर की आवाज़ सुनते ही काम्या की तन्द्रा टूटी और वो बुरी तरह झेंप गई और मारे शर्म के पल्लू से मुंह ढँक लिया। मदनलाल ने कहा बहु अब तुम गाड़ी चलो हम थोड़ा थक गए हैं। जैसे ही गाडी चली मदनलाल ने बहु की गोरी चिकनी कमर पर हाथ फेरना शुरू कर दिया। काम्या चुपचाप गाडी चलती रही तभी बाबूजी ने उसके कान के पास कहा
मदनलाल :-- बहु ,हमारा केला पसंद आया। काम्या ने सोचा बाबूजी शायद उसी केले की बात कर रहे हैं जो सुबह से दिखा रहे हैं इस लिए चुप ही रही। पूछा
मदनलाल :-- बहु बताओ न हमारा केला कैसा लगा। काम्या ने हड़बड़ाते हुए कहा
काम्या :-- क्या स्स्स्स हम समझे नहीं।
मदनलाल :-- अरे वही केला जो हम खरीदे है
काम्या :-- जी जी वो। अच्छा है। बड़े बड़े हैं
मदनलाल :-- बहु ,मझा तो बड़े केले में ही है। तुम्हारी सास को भी बड़े केले पसंद हैं ,हमसे हमेशा बड़ा केला मंगवाती थी।
काम्या :-- वो तो आप से मंगवाती थी हम तो किसी से मंगवा भी नहीं सकते।
मदनलाल :-- क्यों हम नहीं हैं क्या । अभी भी लाये हैं जब कहोगी ला देंगे बड़ा केला। कहते कहते मदनलाल ने अपनी उंगली बहु की नाभि में डाल दी। बाबूजी की हरकत से काम्या बुरी
गरम हो गई थी। उसे लगा जैसे उसकी प्रेमगुफा से प्रेम झरना फुट पड़ा हो। बाउजी के डबल मीनिंग शब्द बहुत कामोत्तेजक थे वैसे भी ऑडियो क्लिप वीडियो क्लिप से ज्यादा असर करता है। बाबूजी ने फिर पुछा
मदनलाल :-- बहु तो आज रात खाओगी न हमारा केला। काम्या समझ गई बाबूजी क्या कहना चाहते हैं लेकिन बोली
काम्या :-- बाबूजी रात को फल खाने से हमें ठण्ड लग जाती है हम कल दिन में खाएंगे ,रात को तो आप माँजी खिलाना अपना केला।
मदनलाल :-- कोई बात नहीं बहु दिन में ही खा लेना। हम तो बस ये चाहते हैं कि तुम हमारा केला खा लो चाहे दिन रात खाते रहो। ऐसा कहते -२ मदनलाल बहु की नंगी पीठ पर किस करने लगा।काम्या ने घबड़ाते हुए कहा
काम्या :-- बाबूजी प्लीज मत करिये ,हम बहक जायेंगे
मदनलाल :-- तो बहक जाओ न। हम तो कब से चाह रहे है कि तुम बहक जाओ।
काम्या :-- बाबूजी हम गाडी बहकने की बात कर रहे हैं। आप तो हमेशा कुछ और सोचने लगते हैं।
मदनलाल :-- अच्छा हम क्या सोच रहे है बताओ
काम्या :-- हमें आप से बात नहीं करनी बस। और ऐसे ही फ़्लर्ट करते -२ दोनों घर पहुँच गए।
Lovely

1 user likes this post  • Me 252
Quote

Madanlal kamya ko kela khila ke hi chhodenge.

Quote

chota magar majedar update

Quote

बहुत ही उत्तेजक update
?


कृपया इस रोचक कहानी को जल्दी आगे बढ़ाएं

Quote

बहुत ही उत्तेजक कहानी है 👍👍👍


इसे जल्दी पूरा करें ।।

Quote

Update kro bhai

Quote

updation

Quote

Update do yar

Quote

What next keep it up

Quote

रात को सब ने साथ खाना खाया। मदनलाल ऊपर छत में घूमने चला गया बाकि सब टीवी देख रहे थे कुछ देर बाद माँजी ने काम्या को कहा कि बाबूजी को ऊपर केला दे आ ,मजबूरी में उसे जाना पड़ा हलाकि कि उसे आशंका थी की ऊपर अँधेरे में बाबूजी कुछ न कुछ बदमाशी जरूर करेंगे। जब वो ऊपर पहुंची तो बाबूजी छत पर टहल रहे थे। जैसे ही काम्या ने उन्हें केला देना चाहा बाबूजी जी ने उसकी कलाई पकड़ ली और उसे टावर के अंदर ले जाने लगे। काम्या ने कलाई छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा
काम्या :-- प्लीज बाबूजी हमें छोड़िये ,छत में से कोई देख लेगा।
मदनलाल :-- बहु इसीलिए तो टावर में लाएं हैं
काम्या :-- नहीं छोड़िये हमें घर में सब हैं। हमें नीचे जाना है हम तो केवल आपको केला खिलाने आये थे
मदनलाल :-- बहु हम केला खाते नहीं खिलाते हैं। अब तुम खाओगी हमारा केला। बाउजी की बात सुनकर काम्या काँप उठी उसने सोचा शायद बाबूजी अब अपना वो निकाल कर जबरदस्ती न कर दे. काम्या घबड़ाते हुए बोली
काम्या :- बाबूजी नहीं गजब हो जायेगा आप फिर कभी खिला देना। हम लेट हो जायेंगे तो सबको शक हो जायेगा
मदनलाल :-- अरे कुछ नहीं होगा कह देना ऊपर ठंडी हवा खा रहे थे। ऐसा कहकर मदनलाल ने बहु का लाया केला छीला और कहा चलो मुंह खोलो। फल वाला केला देख कर काम्या की जान में जान आई उसने मुंह खोला तो मदनलाल ने उसके मुंह में केला ठूंस दिया। धीरे -२ काम्या ने पूरा केला खा लिया
मदनलाल :-- कहो कैसा लगा हमारा केला।
काम्या ;- बहुत बड़ा था। हमारा पेट पहले से ही भरा था अब तो गले तक भर गया है।
मदनलाल :-- बहु ,हमने तो पहले ही कहा था कि बड़ा केला खाओगी तो पेट तक महसूस होगा कि कुछ अंदर आया है या फिर गले तक महसूश होगा जैसे अभी लग रहा है
काम्या :-- बाउजी बस अब हमें जाने दीजिये
मदनलाल :-- अच्छा खुद तो मजे से खा ली अब हमें भी तो कुछ खाने दो। अचानक मदनलाल ने बहु के रसीले होंठो में अपने होंठ रख दिए और उनका हाथ अपने आप ही काम्या की चूचियों में पहुँच गया। काम्या ने छुड़ाने की कोशिश की मगर बाबूजी की ताक़त के सामने लाचार हो गई। मदनलाल ने जी भरकर बहु के अधरामृत का पान किया और उसके उरोज़ों को बुरी तरह मसल डाला। बड़ी मुश्किल से जब काम्या के होंठ आज़ाद हुए तो उसने कहा
काम्या :-- बाबूजी हम आपके हाथ जोड़ते हैं हमें जाने दीजिये। सुनील के जाने के बाद आप अपनी मनमानी कर लेना। मदनलाल ने भी समय की नजाकत को देखते हुए उसे आज़ाद करते हुए कहा
मदनलाल :-- ठीक है बहु हमारे एक सवाल का जवाब देती जाओ
काम्या :-- कौन सा सवाल
मदनलाल :-- ये बताती जाओ जो केला खाई हो वो बड़ा है कि ये वाला। कहते हुए उसने बहु का हाथ अपने टनटनाए हथियार पर रख दिया। लण्ड पर हाथ पड़ते ही काम्या के बदन में झुरझुरी आ गई। उसे लगा जैसे उसके हाथ में किसी ने अज़गर दे दिया हो। बाउजी का हथियार गरम था और फड़क रहा था। उसने जल्दी से हाथ हटाया और नीचे जाने लगी। मदनलाल ने एक बार फिर पूछा
मदनलाल :-- बताओ न बहु कौन सा वाला ज्यादा बड़ा है
काम्या :-- हमें नहीं मालूम। मांजी से पूछ लेना उन्होंने दोनों खाया है और जीभ निकाल कर बाबूजी को चिड़ा दी।
मदनलाल उपर छत में ही टहलता रहा और सबका अपने -२ कमरों में जाने का इंतज़ार करता रहा। जब सब सुनसान हो गया तो वो चुपचाप नीचे आया और बहु की खिड़की में आँख लगा दी। अंदर दृश्य देखते ही उसे निराशा हुई बहु गाउन पहने हुई थी सुनील चड्डी में था। सुनील उससे बात कर रहा था लेकिन वो छत की ओर ताक रही थी और केवल हाँ हूँ कर रही थी। बहु के मुख में उदासी का भाव था। तभी सुनील ने अपने छुछुंदर को चड्डी से बाहर निकाला और काम्या को पकड़ा दिया। काम्या ने तुरंत हाथ हटा दिया सुनील ने कुछ रिक्वेस्ट की लेकिन वो चुपचाप पड़ी रही। दृश्य देखकर मदनलाल को बहुत बुरा लग रहा था। वो जानता था कि आज बहु ने उसका कोबरा देखा है इसलिए सुनील के पनियल सांप में उसकी कोई रूचि नहीं हो रही है। सुनील ने एक दो बार और कोशिश की कि काम्या उसके पनियल से खेले लेकिन काम्या ने उसे छुआ भी नहीं। अंत में थक हार कर सुनील ने काम्या की nighty उपर की और बीच में आकर अपनी लुल्ली को काम्या के भीतर सरका दिया। सुनील का खिलौना बिना किसी प्रतिरोध के भीतर सरक गया। काम्या ऐसे ही निश्चल पड़ी रही जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। सुनील ने पांच दस सेकंड उछल कूद की और फिर हांफता हुआ काम्या के ऊपर लेट गया। काम्या ने तुरंत उसे अपने उपर से हटाया और दूसरी तरफ करवट लेकर लेट गयी। इस पूरे घटनाक्रम ने मदनलाल को अशांत कर दिया। सुनील उसका बेटा था। उसकी जिंदगी के इस दुःख ने मदनलाल को हिला दिया। बेटा आखिर बाप का ही प्रतिरूप होता है ,बाप का ही नया अवतार होता है या आज की भाषा में कहें तो बाप का नेचुरल क्लोन होता है। संतान हो जाने के बाद माँ बाप जो कुछ करते हैं सब बच्चों की ख़ुशी के लिए ही करते हैं ,उनकी ,उनकी अपनी ख़ुशी पीछे छूट जाती है। बहु के आज के व्यवहार ने मदनलाल को विचलित कर दिया वो चुपचाप अपने कमरे में आकर लेट गया लेकिन नींद उसकी आँखों से कोसों दूर थी। दूसरी तरफ काम्या की आँखों से भी नींद दूर थी। उसकी नज़रों के सामने बाबूजी और सुनील दोनों के हथियार घूम रहे थे वो सोच रही थी कितना अंतर है दोनों औजारों में "" बाप बुढ़ापे में भी दुनाली बन्दूक लिए घूम रहा है ,और बेटा भरी जवानी में toy pistol से खेल रहा है। पता नहीं हमारी जिंदगी का क्या होगा। ""

1 user likes this post  • dpmangla
Quote






telugu dirty sex storiesmallu hot xxx movieroman hindi sex storiesmote doodhdesi sexual storiesnapali sxeboor ki kahanidesi girl porn moviesread malayalam sex storiesandhra aunties picschelli pukuloबुर चोदना और बिज गिरानाdesi mom blogtamil font sex storyssexiest auntydesi hindi adult storygayab movie hot sceneurdu sex stories in urdu writinganjali tarak mehta photoscrossdressers sex storiesdesi house wife photossandalwood actress wallpapersmastram hindi storymami ki chadditrlugu sexkamapisachi telugu sex kathalubengali boudi sexहिन्दी कहानी अमीर घर की बेटी चोदाइ का भरपूर मजा उठातीhindi bhabhi sex storylatest telugu sex chatxxx bp filmswww.bangla xxx choti.comhindisex kahaniyaamma magan uravu kathaigalcollege ragging sexsabita bhabi hindi comicexbii toiletsex kadha malayalamxxx.dhaka.comnude mallu auntydesi aunty chudai storyantervasna hindi sexy storyshardcore desi videosindian aunties everything showamma soothulagi nudeurdu sexy storyegand main lundnaruto xxx comicXxx kaise kiya jata hai puri diatelmaa beta sexantrvasna hindi sexy storybhabhi ki chudayiurdu stories of sexstories on exbiisavita bhabhi adult storywww.sexy stories in hindi.comsexey storiesurdu front sexy storiestelugu sex experiencesmarathi sexi storiesdesi balatkar sex storieswww.actres nude.combalatkargangbangkikahaniindian aunty masala picbollywood sex kahanisexy blackmail storieschut kichidai or men ghus gya chut me purasex videolactation gallerieshindi gays storiesma ki chudaiblowjobpicturesfuckstones comicsmarathi chavat videosindian girls mms scandalsoriya sex storiesarpita bhabhibig bobs imagstamil hot auntys imagesnude aunty hot photosdesi sexy forumspeesa ki minariyutan tagalog storiesincest sex comixmom kibig tited asian girlsshakeela hot sex photosdesi adult clipsexy stories of mamiwww.sextory.combengali porn storysexy arpitadavahr babhi ke khani hind ma